July 2, 2012

Delhi SHG Report

बाएं से दायें: जितेंदर, रवि, अमित और गौरव(new).


नमस्कार दोस्तों,
आज की मीटिंग में कुल चार लोग शामिल हुए. Delhi SHG ने आज एक नए मेम्बर गोविन्द कुमार का स्वागत किया. हमने सबसे पहले एक दुसरे को अपना परिचय देकर मीटिंग की शुरुआत की. 
सबसे पहले अमित दीक्षित जी ने हम सभी को स्लो स्पीच के बारे में विस्तार से बताया. उसके बाद हम  सबने स्लो स्पीच  टेक्निक का उपयोग  करते हुए ग्रुप डिस्कसन, बुक रीडिंग तथा टेलीफोन पर बात करने का अभ्यास किया. साथ ही इस टेक्निक  का इस्तेमाल आगे की बातचीत में भी करने की कोशिश की.

उसके बाद हमने स्टेमरिंग  से सम्बंधित कोई फनी एक्सपिरीएंस  शेयर किया, रवि ने बताया की   "एक बार मै जॉब इंटरव्यू के लिए एक कंपनी में गया था, जाते वक़्त मै पूरी तरह कांफिडेंट था की इंटरव्यू का सामना मै आसानी से कर लूँगा. ऑफिस के बहार बैठकर मै अपनी बरी का इंतजार करने लगा, जैसे जैसे समय नज़दीक आ रहा था मेरे दिल की धड़कन तेज होती जा रही थी अंत में जब मेरा नo. आया तब तक हकलाने के डर के कारण मेरे दिल की धड़कन बहूत तेज़ हो चुकी थी, ऑफिस में प्रवेश करने के लिए मैंने गेट खोलकर झाँका तो मुझे एक लड़की दिखाई दी उसके बाद मैंने गेट वापस बंद कर दिया और घर की ओर चल दिया इस वक़्त मेरे दिल की धड़कने इतनी तेज़ हो चुकी थी की मनो मैंने कोई भूत देख लिया हो. इस घटना को यद् करके मै आज भी हसंता हूँ.  हालाँकि अब मै कोई इंटरव्यू छोड़कर भागता नहीं हूँ बल्कि हर हालत में उसका सामना करता हूँ."
इसी प्रकार हम सभी ने अपने अपने अनुभव शेयर किये.

इसके बाद हमने गौरव के आग्रह पर स्पीच थेरेपी क्लिनिक्स के बारे में चर्चा की जिसका निष्कर्ष यह था की अधिकतर स्पीच थेरेपिस्ट का मुख्य उद्देश्य पैसा कमाना बन चूका है. उन्हें इस बात से मतलब नहीं होता की हम ठीक होंगे या नहीं उन्हें इस बात की चिंता होती है की हमने फीस भरी या नहीं.  हालाँकि इसमें कोई शक नहीं की कुछ स्पीच थेरेपिस्ट इनका अपवाद भी हो सकते हैं. स्पीच थेरेपिस्ट के विषय में TISA  की पालिसी जानने के लिए यहाँ क्लिक करें.

अंत में हम सबने 8th july 2012 को पुनः मिलाने का वादा करके मीटिंग को समाप्त किया.
हम सभी ने सिकंदर, अनूप और उमेश के साथ साथ उन सभी TISA friend को मिस किया जो इस मीटिंग में किन्ही कारणों से शामिल नहीं हो पाए.
आशा करते है की आप सभी अगली मीटिंग में हमारे साथ होंगे. 

धन्यवाद 
भवदीय
--
Jitender Gupta प्रथम 
+91 7503189365
jitenderguptaa at gmail.com

6 comments:

sachin said...

बहुत सुन्दर जितेन्द्र !
हाँ, अपवाद भी हैं हर जगह । सच तो यह है कि अपनी मदद आप करने का एक अपना ही मजा है..
धन्यवाद, इस बढिया पोस्ट के लिये..

amit dixit said...

Badhiya post Jitendra..Jis tarah se aap Delhi SHG ke liye initiatives le rahe ho wo kabile-Tareef hai...Is baar aap ki speech ke improvement ko dekh kar sukhad anubhuti hui..keep sharing

lalit said...

nice jitendra .... well described post, bravo ravi for sharing his experience honestly, welcome govind in tisa family .

Dinesh said...

Jitender, you are doing good work week after week. Your posts are very lively always.

Go out and give your 100% for Delhi SHG, the more you volunteer the faster is the healing!! :-)

Ravi.... said...

After a long time a have attended SHG, I like Amit Dixit exercise(speak slow). It's good exercise. I am following this exercise & feeling good.

Thanks Amit Sir & jitendera

Amitsingh Kushwah said...

बहुत सुन्दर जीतेन्दर... आपकी पोस्ट पढ़कर मन खुश हों जाता हैं.