December 31, 2016

ब्लॉग बंदी ?

"जैसे मोदी ने नोट बंदी की वैसे ही आपने ब्लॉग बंदी कर दी ! ये कैसी बात है? "
कमल का ये फीड बैक अपनी जगह सही था ! इस से पहले की मै अपनी वजहें रखता उसने और जोड़ा -
"हम में से कई लोग पुराने ब्लॉग पे ज्यादा सहज - (comfortable) - थे.. "


मुझे लगा अब क्या कहूँ ? बात तो इस पुराने साथी की सही है.. बस फिर क्या था - पुराना ब्लॉग फिर से शुरू हो गया है! असुविधा के लिए माफ़ करें.. और फिर से यहाँ लिखना शुरू करें..

आप को पूरी आज़ादी है - यहाँ लिखिए या वहां (stammer.in) लिखिए.. बात एक ही है, बशर्ते आप दिल की बातें बयान कर पाते है बगैर संकोच के.. निस्संकोच ईमेल भेजिए ऑथर राइट्सके लिए (admins: janhem1008@gmail.com , abhikumar.bsnl@gmail.com ) .

और हाँ, मै भी पोएटिक मूड में कविताएँ लिख रहा था - आप का भी स्वागत है, कुछ नया, कुछ संगीतमय लिखने के लिए.. बस जो भी लिखें दिल से लिखें..

नए साल में आप कुछ नया और अर्थपूर्ण करें - इस उम्मीद और शुभ-कामना के साथ,
तीसा परिवार में हम सब!

Translation:

Kamal an old TISIAN, phoned one day and said with a little irritation (He is an old friend with "privileges"!): Modi bans notes one fine morning- and you shut down the blog another fine morning! How so?

He had a point and before I could neatly lay down my reasons, he carried on like an irritated Congressman: You see many of us are more comfortable with the simple interface of the old blog; lot of our common history was there ... Your fancy new website makes no sense to me!

So, friends, thanks to Kamal, the blog is open again for your old 500/- and 1000/- notes (I mean, your posts!). Feel free to get in touch with Hemant Jangid and Abhishek (Shimla), the two ADMINS, for any help like author rights etc. etc. (janhem1008@gmail.com , abhikumar.bsnl@gmail.com )

You are welcome to write here OR there (stammer.in). Both are fine. Your choice.
Happy Blogging in 2017

PS: Written words can change your understanding of life and all its events..

2 comments:

Atul Kumar Singh said...

सर बहुत अच्छा किया। टीसा ब्लॉग का अपना एक इतिहास है। हम में से कईयों की ज़िन्दगी को एक वजह दी है इसने।

vinay kumar tripathi said...

Very nice sir