August 31, 2015

100% Cure की सच्चाई

Suppose करो,  जब आप तेज कार चलाते हो और आपकी कार बार बार बंद हो जाती है ।
अब आप driving सीखने जाते हो,  समस्या दूर करने के लिये ।
Driving school वाला आपको 30 दिन तक first gear मे गाडी चलवाता है,  खाली रोड पर ।
30 दिन बाद बोलता है तुम अच्छे driver बन चुके हो,  ऐसे ही first gear मे गाडी चलानी है,  चाहे शहर के traffic मे पीछे की गाडी वाला कितना ही Horn मारे या Highway पर सारी गाडियां 100km/Hr से ज्यादा स्पीड से दोडे । तुमको बस first gear मे गाडी चलानी है ,तुम्हारी गाडी कभी बंद नही होगी........
समस्या हल हो गयी क्या ?
नहीं ....
बल्कि और भी कई सारी समस्याएं driving school ने आपके लिये तैयार कर दी है । पहले आप second,  third gear मे आराम से चला लेते थे , शहर के traffic से अपनी गाडी की स्पीड का लगभग तालमेल बैठा लेते थे । बस कुछ जगह गाडी बंद हो जाती थी । पर Driving school ने first gear मे ही गाडी चलाने की हिदायत देकर आपके लिये कई सारी समस्याएं खडी कर दी,  अब शहर के traffic मे आपके पीछे का वाहन Horn मारता रहेगा,  और Highway पर first gear मे चलायी तो पक्का पीछे से कोई आपकी गाडी ठोक जायेगा । और इन सब उलझनों या भय मे फंसकर यदि आपने गाडी second या third gear मे चला दी, तो अब चूंकि आप रोज practice first gear की ही कर रहे हो, सो second or third gear मे चलाने का आत्मविश्वास भी खो चुके हो,  वहाँ गाडी बंद होने की संभावना अब और भी ज्यादा बढ जायेगी ।
फिर आप वापस driving school वाले के पास शिकायत लेकर जाओगे कि मेरी गाडी फिर से बंद होने लग गयी ।
Driving school वाला कहेगा,  तुम 30 दिन यहाँ रहे, first gear मे कभी गाडी बंद हुई थी ? नही ना ।
तो उसी स्पीड और गीयर मे क्यो नही चलाते , गलती तुम्हारी है ।
फिर आप जिन्दगी भर अपने आपको अपनी खराब driving के अलावा , इसलिए भी कोसते रहो,  कि मुझसे हमेशा गाडी first gear मे ही क्यो नही चलती ।
Conclusion - गये थे एक समस्या हल करने,  साथ मे कई समस्याएं गले पड गयी ।

2 comments:

sachin said...

Badi khubsurat tulna ki hai...Hemant!
Tisa ne isi liye denting-painting workshop khol dee.. :))

pradeep kumar Marchuwan said...

Bilkul..thanks sir.