June 30, 2015

AHJ Hindi translation from Users

Dr Chandraprakash from Jaipur SHG has translated the last chapter of AHJ! Congrats! I am sharing it here. Ignore the short comings. Just enjoy reading it. We encourage these attempts by users to promote engagement with AHJ and self help activities.

अपना हाथ जगन्नाथ का साराँश
अध्याय 10 : साराँश

प्रिय पाठकों , इस पुस्तिका ने बहुत विचार दिए होगे , परंतु आप इसे कही से भी शुरू कर सकते है ।
यहाँ व्यवस्थित रूप से देखने के सुझाव है-
1.अब : टीसा समूह को ईमेल भेजे
            या स्वयं सहायता समूह(SHG) के सदस्य बनने के लिए तलाश करे ।  IPWS yahoo chat group पर परिचयात्मक प्रविष्टि छोडे । अपनी लघु कहानी tisa blog पर पोस्ट करे । (थेरेपी अनुभव आदि).

2. अगले दो सप्ताह : अध्याय 1-4 को कई बार पढे । कुछ या सभी क्रियाकलाप स्वयं करे , बाद मे SHG या दोस्त के साथ करे । इन अध्यायो को बार बार देखते रहे ,  जिससे उत्तम अभ्यास हो ।

3. अगले एक महीने : निजी जार्नल (पत्रिका) या ब्लोग या IPWS yahoo chat group मे नियमित रूप से लिखना शुरू करे।दूसरे PWS को दूरभाष करे या टीसा द्वारा व्यवस्थित Skype कोन्फ्रेस काल से जुड़े , SHG मे नियमित रूप से भाग ले ।      
4.दो महीने बाद : अध्याय 5 व 6 पढे । आँख से सँपर्क , सक्रिय होकर सुनना , ठहराव , लम्बा खीँचना , उछालना आदि का विभिन्न स्थितियों मे अभ्यास करे जैसे -गली मे ,SHG मे , फोन पर आदि । अपने अनुभवों को ब्लोग पर लिखे ।

5. लगभग तीन महीने बाद : अध्याय 7-9 पढे । कुछ दिन बाद सँपूर्ण पुस्तिका दुबारा पढे और पुरानी अवधारणाओँ को दुबारा करे । विपास्सना या ब्रह्मविद्या या कोई अन्य ध्यान के कोर्स मे भाग लेवे ।
इसे हो सके उतनी बार दोहराएँ ।

6. छः महीने बाद : नयी चुनौतियाँ ले। दूसरे PWS को शिक्षा दे या कोई ओर की सेवा व सहायता करे ।
विशेष अतिथि के परिचय मे जाम उठाने वाला , या कोई सार्वजनिक वक्ता क्लब या आत्मविकास कोर्स से जुड़े । अपने शहर या कार्यस्थल पर SHG शुरू करे । अपनी आत्मकथा लिखे । ओनलाईन ISAD, कोन्फ्रेस मे पेपर जमा करे ।

7. इसके बाद : आपके दिल के करीब सामाजिक कारण से जुड़े , जीवन मे सीखें अध्यायो को लिखित या मौखिक रूप से साझा करे ।




2 comments:

Tanveer Khan said...

Nice. I would like to contribute too and try my hand at translating few chapters. :)

sachin said...

Tanveer - go ahead....
While at it, feel free to put in your ideas in,too..